3 दिन में लीजिए संपूर्ण माघ मास स्नान का फल
पद्मपुराण में मिलता है दिनत्रय व्रत का विधान
सनातन धर्म में माघ स्नान का बड़ा महत्व बताया गया है। पवित्र नदियों के तट पर पूरे महीने भक्तों की भारी भीड़ स्नान के लिए पहुंचती है। प्रयागराज में तो 1 महीने के कल्पवास का भी विधान है जो सदियों से चला आ रहा है।
कई लोगों के सामने धर्म संकट आ जाता है कि वह संपूर्ण माघ स्नान का फल चाहते हैं लेकिन जीवन की कठिन परिस्थितियों के चलते यह संभव नहीं हो पाता। ऐसे भक्तों को लिए पद्मपुराण में एक उपाय बताया गया है।
पद्मपुराण में वर्णन मिलता है कि अगर माघ मास के 30 दिनों में स्नान की अनुकूलता न हो तो माघ मास की त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा के सूर्य़ोदय काल में स्नान करें। स्नान के साथ ही साथ व्रत करें और दान-पुण्य भी करें। माघ शुक्ल पक्ष की इन 3 तिथियों पर विधिवत स्नान-दान से ही संपूर्ण माघ स्नान का फल मिल जाता है।
You May Like
Please Subscribe Us at Google News
Copyright © 2026, All Rights Reserved.