माघ महीने का दुर्लभ व्रत:- ‘कुण्डचतुर्थी’

देवीभागवत में इस व्रत का वर्णन मिलता है

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Published On November 28th, 2025 12:21 am (Updated On November 28, 2025)

कुण्डचतुर्थी नाम का व्रत बहुत पुण्यफलदायी और दुर्लभ है। इस महाव्रत का वर्णन देवीभागवत में मिलता है।

कुण्डचतुर्थी व्रत को विधिपूर्वक करने से संतान और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

इस व्रत की विधि यह है कि माघ मास की चतुर्थी तिथि को उपवास किया जाए। उपवास के साथ देवी का विधिवत पूजन हो। पूजा में देवी को सुंदर पुष्प, गन्ध, नैवेद्य, धूप, दीप, फल, पत्र, धान्य और बीज अर्पित करें। पूजन उपरांत शूर्प या मिट्टी के पात्र में भरकर उक्त नैवेद्य तथा सामग्री ब्राह्मण को दान करें। वर्ष में एक दिन का यह व्रत जीवन को सुखों से भर देने वाला होता है।

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