नवरात्रि के अवसर पर मार्कण्डेय पुराण की कथा

वृंदावन के श्री प्रियाकांत जू मंदिर में 19 से 25 मार्च तक होगी कथा

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Published On March 18th, 2026 1:49 pm (Updated On March 18, 2026)

नवरात्रि के अवसर पर देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में माता के भक्त या तो दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं या किसी विद्वान से करवाते हैं। दुर्गा सप्तशती मार्कण्डेय पुराण से ही लिया गया चण्डीपाठ है। इसी मार्कण्डेय पुराण की कथा सुप्रसिद्ध कथावाचक पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी करने जा रहे हैं।

यह कथा 19 मार्च से 25 मार्च तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 तक होगी। महाराज श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने भक्तों से कहा है कि नवरात्रि व्रत करें लेकिन इसके साथ ही साथ खुद भी कथा श्रवण करें और बच्चों को भी करवाएं। इससे नवरात्रि के व्रत का पुण्य और बढ़ जाएगा।

मार्कण्डेय पुराण को प्रथम बार ऋषि मार्कण्डेय ने ऋषि क्रौष्ठि को सुनाया था। मार्कण्डेय पुराण में 137 अध्याय हैं और श्लोकों की संख्या 9 हजार है। इसी मार्कण्डेय पुराण से दुर्गा सप्तशती निकली है। मार्कण्डेय पुराण में अध्याय 81 से 93 तक चण्डीपाठ है इसे ही दुर्गासप्तशती के रूप में पाठ किया जाता है। इसमें कुल श्लोकों की संख्या 700 है।

नवरात्रि पर्व पर मार्कण्डेय पुराण की कथा का आयोजन देवीभक्तों के लिए एक प्रत्यक्ष वरदान की तरह है।

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